लगी होगी मेरे हाथ हथकड़ी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

लगी होगी मेरे हाथ हथकड़ी

पड़ी होगी मुझ पर जो मुश्किल बड़ी

मेरे जज बन जाना श्याम तुम आ जाना

अजा रे आजा रे सरकार होकर लीले पर सवार

मेरा मुकदमा जब भी बाबा तेरी अदालत आएगा

वकील मुझको खींचते होंगे तू वहां बैठा पायेगा

हाथों में लेना अपनी मोरछड़ी

मेरे जज बन जाना श्याम तुम आ जाना

अजा रे आजा रे सरकार होकर लीले पर सवार

श्याम बहादुर आलू सिंह जी बाबा दर के मुंशी होंगे

सोहन लाल लुहकर जैसे बाबा तुझको पर्दा देंगे

लेगी बनाकर बाबा कर्मा खिचड़ी

मेरे जज बन जाना श्याम तुम आ जाना

अजा रे आजा रे सरकार होकर लीले पर सवार

मेरे गुनाहों की गठरी मेरे बाबा ज़्यादा भारी है

कलयुग का अवतार है तू तो मेरा एक हितकारी है

आकर के देख बहती आँखों से झड़ी

मेरे जज बन जाना श्याम तुम आ जाना

अजा रे आजा रे सरकार होकर लीले पर सवार

छोटी से अर्ज़ी मुजरिम की बाबा ज़रा निभा लेना

हर ग्यारस पर शीश के दानी मुझ मुजरिम को बुला लेना

वहां भजन पागल भी गाये कर बेहेन को संग कड़ी

मेरे जज बन जाना श्याम तुम आ जाना

अजा रे आजा रे सरकार होकर लीले पर सवार

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।