आज मोहे छू कर बना दे बांसुरी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

करदे सँवारे तू कोई जादूगरी,

आज मोहे छू कर बना दे बांसुरी,

सारी उम्र की है तेरी मैंने चाकरी,

आज मोहे छू कर बना दे बांसुरी,

मैंने बहुत तोहे माखन खिलाया,

नाची मैं जैसे मोहे तूने नचाया,

पल कण के पलने में तुम्हे जलाया,

जुलु गी अब मैं कमर पे तेरी,

आज मोहे छू कर बना दे बांसुरी,

पल पल तोहरे संग रहु गी,

बन के सुरो की तरंग रहु गी,

तू राखे गा जिस रंग रहूगी,

सुन ली रे सखियों को बहुत खोटी खरी,

आज मोहे छू कर बना दे बांसुरी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।