गुरुदेव तेरी करुणा इस कदर बरस रही है

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॥ पावन पाठ ॥

गुरुदेव तेरी करुणा इस कदर बरस रही है,

जिसके लिए ये सदियों से कायनात तरस रही है,

गुरुदेव तेरी करुणा इस कदर बरस रही है,

मैं बिगाड़ने में शातिर तुम सवार ने में माहिर,

तेरी करनी पे फ़िदा हु तभी अध् हरष रही है

गुरुदेव तेरी करुणा इस कदर बरस रही है,

भटकन को आ मिटाया जग जाल से छुड़ाया,

रोशन किया ये जीवन रेहमत गरज रही है,

गुरुदेव तेरी करुणा इस कदर बरस रही है,

सजदा करू मैं हर दम दुःख दर्द बचा न गम,

पागल किया गोपाली बंदगी सरस रही है,

गुरुदेव तेरी करुणा इस कदर बरस रही है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।