अल्लू सिंह जी ने सारे जग में डंका बजाया है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सच्चे मन से जो भी जब ध्यान लगाए गा,

मेरे श्याम को पायेगा,

दिया ज्ञान गुरुवार ने वो भव से उतरे गा जो मन से रिजायेगा,

सब देवो में श्याम मेरा दातारि कहलाया है,

हमे श्याम से मिलाया है,

अल्लू सिंह जी ने सारे जग में डंका बजाया है हमे श्याम से मिलाया है,

ले मोरछड़ी जब भी कीर्तन किया गुरुवर,

मनाया श्याम को मुर्दो में जान आई,

लूले चढ़े उठ कर दिखियाँ काम को,

मोरछड़ी का जादू सारे भगतो को दिखाया है,

हमे श्याम से मिलाया है,

अल्लू सिंह जी ने सारे जग में डंका बजाया है हमे श्याम से मिलाया है,

मेरे श्याम बिहारी पर जिसको अटल विश्वाश है,

उसका कल्याण है राखी कहे बाबा पल में बनाये काम रखता ध्यान है,

सेवक गुरुवार सा मेरे श्याम जी को भाया है,

हमे श्याम से मिलाया है,

अल्लू सिंह जी ने सारे जग में डंका बजाया है हमे श्याम से मिलाया है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।