मैं लाड़ली खाटू वाले की

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे घर में रोज ही होली है,

मेरे घर में दिन में होली है,

और राते है दिवाली की,

मैं लाड़ली खाटू वाले की,

मेरा बाबा खाटूवाला है सबका ये रखवाला है,

सब मिल कर इसकी जय बोलो,

खाटू वाले की जय बोलो,

मेरे घर में दिन में होली है,

और राते है दिवाली की,

मैं लाड़ली खाटू वाले की,

तू मेरा भगायेविध्याता है जन्म जन्म का नाता,

किरपा बरसाने वाले अरे लाज बचने वाले की,

मैं लाड़ली खाटू वाले की,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।