जब दुनिया तुम्हे सताये कोई न गले लगाए

पारंपरिक
श्री राम भजन साईं भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

जब दुनिया तुम्हे सताये कोई न गले लगाए,

उस समय तू बंदे धयाना साई राम साई राम

पैसे की दुनिया सारी पैसा ही ईमान बना,

लोब मोह एहंकार में फस कर हर कोई शेहतान बना,

जब जग वैरी हो जाए कोई अपना नजर न आये,

उस समय तू बंदे धयाना साई राम साई राम

मेरा मेरा करते करते जग से नाता टूट गया,

गेरो पर क्या करे भरोसा अपना ही जब लूट गया ,

जब का गम का बदल छाए और कुछ न मन को भाये,

सब का मालिक एक है जग में उसका उजियारा,

साई किरपा से हर्ष मिटे गा दूर दूर तक अँधियारा,

कैसी भी मुशीबत आये या खौफ कोई तड़पाये,

उस समय तू बंदे धयाना साई राम साई राम

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।