॥ पावन पाठ ॥
इतना न तड़पाया करो मिलने श्याम चले आया करो,
मेरे पतंग की डोर तुम्ही हो,
ऐसे ना रूठ जाया करो ,
मिलने श्याम चले आया करो,
सुनी पड़ी है गोकुल नगरियां,
आके बंसी बजाया करो,
मिलने श्याम चले आया करो,
इतना न तड़पाया करो मिलने श्याम चले आया करो,
मेरे पतंग की डोर तुम्ही हो,
ऐसे ना रूठ जाया करो ,
मिलने श्याम चले आया करो,
सुनी पड़ी है गोकुल नगरियां,
आके बंसी बजाया करो,
मिलने श्याम चले आया करो,