आ गई रे आ गई रे मेरी गांव में मैया आ गई रे

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

आ गई रे आ गई रे मेरी गांव में मैया आ गई रे,

गलियां गलियां फूलो की वर्षा घर घर चौंक फुरा गई रे,

भोर बई जल भरण जा रही चुन चुन फुलवा लेकर आ रही,

मालियाँ की चन्दन लगवा के मेरी प्यास बुजा गई रे

आ गई रे आ गई रे मेरी गांव में मैया आ गई रे,

तोरे ज्वारे पंडा सीजे भर भर लौटा दूध ओ लीजे,

बाबल सरिता को जल लेके चरणों को धुलवा गई रे,

आ गई रे आ गई रे मेरी गांव में मैया आ गई रे,

मैया आई सिंह सवारी सब जन कर रहे जय जय कारी,

करे आरती पूजन वंदन दया नजरियां की कर गई रे,

आ गई रे आ गई रे मेरी गांव में मैया आ गई रे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।