तूने ही श्याम जी रचा संसार है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सबका एक सहारा मुरली वाला

कष्ट हरे जग का ननद का लाल

तूने ही श्याम जी रचा संसार है,

जाने न कोई मोहन तेरी लीला अपरम पार है

तूने ही, श्याम जी तूने ही...

गोकुल में जाके मोहन, कभी मथुरा में पुकारा

महा रास है रचाया, कहाँ वास है तुम्हारा

मन चाहता है मोहन मन में तुझे बसा लें

चरणों की धुल तेरी माथे पे हम लगा ले

करदे उधार मेरा तू जग का पालन हार है

तूने ही, श्याम जी तूने ही...

लीला रचाई बन के गैयों का रखवाला

गीता में भी दिया है हमे ज्ञान का उजाला

तन मन से जो भी तेरा इक बार तेरा हो गया है

तेरी दया से भव से वो पार हो गया है

तू ही तो है गिरिधर, सब का आधार है

तूने ही, श्याम जी तूने ही...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।