हे भोले नाथ भंडारी तेरी तो महिमा है न्यारी

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

हे भोले नाथ भंडारी तेरी तो महिमा है न्यारी,

दिया इतना मेरे बाबा ये देखे दुनिया ही सारी,

हे भोले नाथ भंडारी तेरी तो महिमा है न्यारी,

कभी भी न पड़ी मुझको जरुरत दूसरे दर की,

मेरी झोली भरी तुम्हने हे शम्भू नाथ त्रिपुरारी,

हे भोले नाथ भंडारी तेरी तो महिमा है न्यारी,

मेरी भगति तो कुछ ना थी बिना तेरे सहारे के,

के जब से तेरा हाथ है पकड़ा मेरा बाबा जटाधारी,

हे भोले नाथ भंडारी तेरी तो महिमा है न्यारी,

मेरी नैया भवर में थी बिना तेरे किनारे के,

बने पतवार तुम जीतू कहे ये शिव तिलक धारी,

हे भोले नाथ भंडारी तेरी तो महिमा है न्यारी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।