सतगुरु मिलता जावो जी

मीरा बाई
अन्य भजन गुरुदेव भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

दर्शन देता जावो जी

सतगुरु मिलता जावो जी

म्हारे पिवरिया री बातां थोड़ी म्हने केहता जावो जी

सोने जेडी पिली पड़ गई

दुनिया बतावे रोग

रोग दोग म्हारे कई नी लागे

गुरु मिलण रो जोग

म्हारे भाभे म्हने बींद बतायो

पकड़ बताई बाँह

कांई कहो में कांई न समझू

जिव भजन रे माय

म्हारे देश रा लोग भला है

पेहरे कंठी माला

म्हारा लागे वे भाई भतीजा

राणाजी रा साला

सासरियो संसार छोडियो

पीव ही लागे प्यारो

बाई मीरा ने गिरधर मिलिया

चरण कमल लिपटायो

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।