सावरियां तेरी बांसुरी मेरे दिल में समा गई

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सावरियां तेरी बांसुरी मेरे दिल में समा गई,

मेरे प्यारे तेरी बांसुरी मेरे दिल में समा गई,

सच तू बात दे कान्हा कहा तने सीखे,

तान सुरली आ की धुन बड़ी मीठी,

सब गोपी फिर ढूंढ़ती क्या जादू चला गई,

सावरियां तेरी बांसुरी मेरे दिल में समा गई,

हो ब्रिज ये अधूरा लागे बिना तेरे सँवारे,

सुन ने को तरसे मुरली नैन हुए वनवारे,

रहे आये न कोई राह नजर सुध बुध बुला गई,

सावरियां तेरी बांसुरी मेरे दिल में समा गई,

तीनो लोक किये वस में ऐसी छवि श्याम की,

बन ते दीवानी फिर राधा घनश्याम की,

मेरी लागि वर्मा लगन सही फिर काहे सत्ता गई,

सावरियां तेरी बांसुरी मेरे दिल में समा गई,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।