आये शरण तिहारी प्रभु तार तार तू

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

कैलाश के निवासी नमो बार बार हु,

आये शरण तिहारी प्रभु तार तार तू,

भगतो को कभी शिव ने निराश न किया,

माँगा जिसे चाहा वही वरदान दे दियां,

बड़ा है तेरा दायरा बड़ा दातार तू,

आये शरण तिहारी प्रभु तार तार तू,

बखान क्या करू मैं रखो की ढेर का,

चुटकी कबूत में है खजाना कुबेर का,

हे गंगा धार मुक्ति धार ओम कार तू,

आये शरण तिहारी प्रभु तार तार तू,

क्या क्या नहीं दिया है ये हम प्रमाण है,

तेरी किरपा के आसरे सारा जहां है,

ज़हर पिया जीवन दिया कितना उधार तू ,

आये शरण तिहारी प्रभु तार तार तू,

तेरी किरपा बिना न हिले इक भी अड़हु,

लेते है सांस तेरी दया से तनु तनु,

करदे ठाठ इक वार मुझको निहार तू,

आये शरण तिहारी प्रभु तार तार तू,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।