दर्द दिलो के सेह नहीं

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

दर्द दिलो के सेह नहीं पाते श्याम अगर जो तुम न निभाते,

सच कहते है जी नहीं पाते श्याम अगर जो तुम न निभाते,

ख्वाइश मेरी सब थी अधूरी जीवन में थी बस मज़बूरी,

अपनों का सतना सितम ढहाना कैसे हम भूले वो अफसाना,

गिर गिर के यु सम्बल ना पाते श्याम अगर जो तुम न निभाते

सच कहते है जी नहीं पाते श्याम अगर जो तुम न निभाते,

दिल की बाते दिल में रहती,

छुप छुप कर के आँखे बहते,

रोज रोज वोही पिल पिल के मरना,

तेरी ही किरपा से मैं हु जिन्दा,

सपने भी सपने रह जाते,श्याम अगर जो तुम न निभाते

सच कहते है जी नहीं पाते श्याम अगर जो तुम न निभाते,

जब से तुम्हारी भगति मिली है पापो से मोहित मुक्ति मिली है,

अब तो यही कहना शरण में रहना चाहे कुछ भी सोचे ये ज़माना

सारा जीवन रो रो बिताते श्याम अगर जो तुम न निभाते

सच कहते है जी नहीं पाते श्याम अगर जो तुम न निभाते,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।