हर मावस श्याम धनि अभिषेक कराते है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हर मावस श्याम धनि अभिषेक कराते है,

उस जल से कितने ही प्रेमी तर जाते है,

ये श्याम के मुखड़े को छू कर के निकलते है,

हर बुँदे बाबा से मिलने को मचल ते है,

पल भर में अंगूर अमृत बन जाते है,

हर मावस श्याम धनि अभिषेक कराते है,

अगर प्रेमी हो दुःख में मेरे श्याम भी रोते है,

खुश देख के बच्चो को नैनो को भिगोते है,

सुख दुःख के आंसू भी इस में ही समाते है,

हर मावस श्याम धनि अभिषेक कराते है,

है भावना सच्ची तो इक बार इसी लाना,

मस्तक से लगाना तुम नित नियम से अपनाना,

पीड़ा जितनी भी हो ये दूर भगाते है,

हर मावस श्याम धनि अभिषेक कराते है,

गंगा जल है पावन चन्दन का मिश्रण है,

जिस घर में ये जाए बन जाता मधुवन है,

शिवम इस में नजर श्री श्याम ही आते है,

हर मावस श्याम धनि अभिषेक कराते है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।