शिव भोला भंडारी ओ शिव भोला भंडारी

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

शिव भोला भंडारी ओ शिव भोला भंडारी

सुख का त्योहार बजे डमरू के ताल

करे दुख पीरा पार

जटा धारी भोला भंडारी

भोला भंडारी ओ शिव भोला भंडारी

ओंकारेश्वर बम बम भोले

नीलकंथेसवर बम बम भोले

केदारनाथ बम बम भोले

जय शिव शंभू बम बम भोले

जय शिव शंकर बम बम भोले

शंख नाद ट्री नी नी नाद बाजे

भस्म लेप श्रृंगार भी साजे

जटा मुकुट पर गंगा विराजे भोला भंडारी

भोला भंडारी ओ शिव भोला भंडारी

दूध कोष सुराही कोष बीतो

व्यगरा वस्त्रा रुद्राक्षा सहितो

ध्यान देना वरदान निहितो भोला भंडारी

भोला भंडारी ओ शिव भोला भंडारी

मुझमे है वो पल करे संकाटो का हाल

करे धूप में भी च्चाए हरियाली

भोला भंडारी शिव भोला भंडारी

कन कन में है तेरा बसेरा

नैन ना जिसको तू उजियारा

सुख की आहत आस भी तू है

बुझने ना पाए वो प्यास भी तू है

तूही मेरा राम तूही मेरा राम

तूही मेरा राम तूही मेरा

भजे घनश्याम दिन रात जाप में गुज़री

भोला भंडारी शिव भोला भंडारी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।