मनड़ो म्हारो घबरावे

डॉ.विजय कुमार केडिआ बीरगंज
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मनड़ो म्हारो घबरावे,धीरज भी छुट्यो जावे, दीज्यो सहारो महाने सांवरा

आँखड़लिया भर भर आवे,जद भी तू देर लगावे

नीले चढ़ आज्यो म्हारा सांवरा

दीज्यो सहारो महाने सांवरा.............

थारी किरपा से बाबा जीवन गुजारा जी

विपदा जद आवे कोई,थाने पुकारा जी

थारो मूलकतो चेहरों, आख्या के आगे फेरो

धीर बँधावो महारा सांवरा

दीज्यो सहारो महाने सांवरा..........

जग में हंसाई म्हारी मत ना करवाओ जी

थारा ही टाबरिया हा आके जगा जाओ जी

भीगी आंखड़ली म्हारी,जोवे बाटड़ली थारी

संग में दिख जो थे म्हारा सांवरा

दीज्यो सहारो महाने सांवरा..............

बीती सुनावा थाने,अर्जी लगावा जी

गलती की माफी बाबा थारे से चावा जी

जितना रुलाओ महाने,जितना तरसाओ महाने

टाबर में थारा ही हां सांवरा

दीज्यो सहारो महाने सांवरा...............

थोड़ी घबराहट जी में, थोड़ो अंधेरो जी

हारेगा कोणी बाबा इतना तो बेरो जी

प्रीतड़ली थारी म्हारी, पड़ जा सी सब पर भारी

अंश करे हे आशा सांवरा

दीज्यो सहारो महाने सांवरा.........

लेखक: डॉ.विजय कुमार केडिआ बीरगंज

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।