यमुना की लहरें आवाज लगाती

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

यमुना की लहरें आवाज लगाती है मैया की हालात देखि नहीं जाती है,

आ जाओ मन मोहन ब्रिज भूमि भुलाती है,

यमुना की लहरें आवाज लगाती है मैया की हालात देखि नहीं जाती है,

मैया का अंचल सूखा नहीं है बोल क्या ममता का तू भूखा नहीं,

तेरी याद में अब तक माँ बस नीर बहाती है

यमुना की लहरें आवाज लगाती है मैया की हालात देखि नहीं जाती है,

प्रीत में तेरी राधे हुई रे दीवानी सुख गया है उसकी आंखो का पानी,

तेरी राह में दीवानी नित दीपल जलाती है,

यमुना की लहरें आवाज लगाती है मैया की हालात देखि नहीं जाती है,

प्रेम की कान्हा कैसी प्रीत निभाई मोह पसाके दिल में दे दी जुदाई,

सूरज आहे दिल की दिल में रह जाती है,

यमुना की लहरें आवाज लगाती है मैया की हालात देखि नहीं जाती है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।