महाकाल की नगरी वाली हरसिद्धि की जय

पारंपरिक
महादेव भजन दुर्गा भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

महाकाल की नगरी वाली हरसिद्धि की जय

उज्जैन नगरी जो भी आवे हुए दुखी विजय

के दर्शन करने आजो जी

के झोली भरता जाजो जी

ओ मनोकामना पूर्ण करने अब के आजो जी

के दर्शन करने आजो जी

के झोली भरता जाजो जी

ओ हरसिद्धि तो सिद्धि दई के सबका काम करें

धन वाला न निर्धन आई के मां को ध्यान धरे

के दर्शन करने आजो जी

के झोली भरता जाजो जी

हरसिद्धि का मंदिर प्यारो झिलमिल दीप जले

राज खुशी सब चई के माता मंतर सारा पले

के दर्शन करने आजो जी

के झोली भरता जाजो जी

ओ मनोकामना पूर्ण करने अब के आजो जी

के दर्शन करने आजो जी

के झोली भरता जाजो जी

साधु संत है जोगी भोगी हरसिद्धि से मांगे

जगराता में आने वाला दोनों दंड तक जागे

के दर्शन करने आजो जी

के झोली भरता जाजो जी

ओ मनोकामना पूर्ण करने अब के आजो जी

के दर्शन करने आजो जी

के झोली भरता जाजो जी

शिप्रा जी में नहई के पेला फिर मंदिर में आजो

जो केणो है केजो मां से फिर लेई के सब जाजो जी

के दर्शन करने आजो जी

के झोली भरता जाजो जी

ओ मनोकामना पूर्ण करने अब के आजो जी

के दर्शन करने आजो जी

के झोली भरता जाजो जी

By-Shubham sharma

9589896121

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।