लेहर लेहर लहराए खपर काली का

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

लेहर लेहर लहराए खपर काली का,

तीन लोक लहराए खपर काली का,

गल मुंडो की पहने माला,

बन के मैया चंडी जवाला ,

दुष्टो का नाम मिटाये खपर काली का,

तीन लोक लहराए खपर काली का,

माँ ने अध्भुत काम किया है रक्त बीज का खून किया है,

दानव का वंस जलाये खपर काली का,

तीन लोक लहराए खपर काली का,

रन में नृत्य करे जब काली,

देव सेना जाए ये समबाली

ऐसा तेज दिखाए खपर काली का,

तीन लोक लहराए खपर काली का,

काली मैया का रूप निराला,काली चुनरी है टिका काला,

कालो काल कहाये खपर काली का,

तीन लोक लहराए खपर काली का,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।