सारा भारत ये कहे प्यार की गंगा बहे

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन देश भक्ति भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

सुन सुन सुन मेरे नन्हे सुन,

सुन सुन सुन मेरे मुन्ने सुन

प्यार की गंगा बहे, देश मे एका रहे

सुन सुन सुन मेरी नन्ही सुन,

सुन सुन सुन मेरी मुन्नी सुन

प्यार की गंगा बाहे देश मे एका रहे

ख़तम काली रात हो, रोशनी की बात हो

दोस्ती की बात हो, ज़िन्दगी की बात हो

बात हो इंसान की, बात हिन्दुस्तान की

सारा भारत ये कहे, प्यार की गंगा बहे

प्यार की गंगा बहे, देश मे एका रहे

अब न दुश्मनी पले, अब न कोई घर जले

अब नही उजड़े सुहाग, अब नही फैले ये आग

अब न हो बच्चे अनाथ, अब न हो नफ़रत की घात

सारा भारत ये कहे, प्यार की गंगा बहे

प्यार की गंगा बहे, देश मे एका रहे

सारे बच्चे बच्चिया, सारे बूढ़े और जवां, यानी सब हिंदुस्तान

एक मंजिल पर मिले एक साथ फिर चले

एक साथ फिर रहे, एक साथ फिर कहे.. फिर कहे..

प्यार की गंगा बहे, देश मे एका रहे..

देश मे एका रहे, सारा भारत ये कहे

सारा भारत ये कहे, देश मे एका रहे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।