माँ देख तेरा शृंगार करे दिल नाचन का

पारंपरिक
अन्य भजन रानी सती दादी भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

माँ देख तेरा शृंगार करे दिल नाचन का,

नाचन का दिल नाचन का,

चाहे देखु जितनी वार करे दिल नाचन का,

माँ देख तेरा शृंगार करे दिल नाचन का,

प्यारी सूरत भोली भाली,

सोहे नथनी बिंदियां वाली,

प्यारा लागे गले का हार करे दिल नाचन का,

माँ देख तेरा शृंगार करे दिल नाचन का,

लाल चुनरियाँ जब लेहरायए दादी जी ये गजब ही ध्याए,

खुशियों की हो बरसात करे दिल नाचन का,

माँ देख तेरा शृंगार करे दिल नाचन का,

जो तेरे गजरे में सजा न ऐसा कोई फूल बचा न,

माँ महक रहा संसार करे दिल नाचन का ,

माँ देख तेरा शृंगार करे दिल नाचन का,

कितना सूंदर कितना प्यारा ,

देख ले सोनू आज नजारा,

क्या खुभ सजा दरबार करे दिल नाचन का,

माँ देख तेरा शृंगार करे दिल नाचन का,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।