पासे हटजो रास्ता छड़ दो बाबा भेरो आया

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन विविध भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

ईशा पूरी हों दे रात जगा करा,

पासे हटजो रास्ता छड़ दो बाबा भेरो आया,

माँ काली दा लाडला भगता नु प्यारा,

सारे देवी देवतेया तो रूप न्यारा,

नक रगड़ेया दुनिया ने पर भेद न पाया,

पासे हटजो रास्ता छड़ दो बाबा भेरो आया,

रखे किरपा भगता ते कदे देर न लौंडा,

घर घर दी जा मिन्ता च खबर ले आउंदा,

कर के सवाली भगत दो पूछा कडवायो,

पासे हटजो रास्ता छड़ दो बाबा भेरो आया,

पाऊंगा हथ जालमा नु कसारा कडु,

रोग किसे नु लगेया ओहनू जगा तो वडु,

इकठे होके भगता ने जदो शीश निभाया,

पासे हटजो रास्ता छड़ दो बाबा भेरो आया,

कुलविंदर मंजोली वालेया वेला मंगन दा आया,

छड़ दे हूँ तू संग्न बाबा सब कुछ लाया ,

कर दो रेहमत शिंदे ते एह भजन सुनाया,

पासे हटजो रास्ता छड़ दो बाबा भेरो आया,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।