बिहारी तेरे नैना जादू भरे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बिहारी तेरे नैना जादू भरे

जुल्मी तेरी तिरछी नजरिया

दिल पे वार करे

एक तो कातिल तेरे लटके झटे

दूजे कातिल अदा सबसे हटके

तीजे तू देखे पलट के

बिहारी........

गजब ये मोर मुकुट तेरा प्यारे

ठोड़ी का हीरा जुलम गुजरे

ढाये सितम तेरी बांसुरिया

कोई कब तक ना तुझपे मरे

बिहारी.......

तू बांका तेरी बांकी नगरिया

बांकी तेरी वृन्दावन नगरिया

लूट गए हम तो बीच बजरिया

तोसे जबसे तुझसे नैना लड़े

बिहारी.........

मान गए हम तोहे रंग रसिया

जान गए अब तोहे मन बसिया

तू छलिया ठगियां को ठगिया

तेरे कैसा ना रंग छाडे

बिहारी........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।