झूले में झूल रहे कृष्णा यशोदा मैया के अंगना

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

झूले में झूल रहे कृष्णा यशोदा मैया के अंगना,

बड़ा प्यारा लागे है सब को यशोदा मैया का ललना,

झूला झुलाने आई है गोकुल की कई छोरियां,

पालने की रेशमी डोरी खींच रही है छोरियां,

कई माखन मिश्री लाये कृष्णा को खूब खिलाये,

कोई लोरी बेबस गाये कान्हा को खुभ मनाये,

हाथो में ले झुँ झना,

झूले में झूल रहे कृष्णा यशोदा मैया के अंगना,

कोई नाइ पेशाके लाया कोई सूंदर माला पहनाये

कोई मोर मुकट पहनाकर कृष्णा के सिर को सजाये,

सोने से बनी कोई लाया हाथो के लिए सूंदर कंगन,

चांदी की बना के लाया पाओ के लियो कोई पेजन

उपहारों से भर गया अंगना,

झूले में झूल रहे कृष्णा यशोदा मैया के अंगना,

कृष्णा को जो भी देखे वो दीवाना हो जाए,

कृष्ण को लेके हाथो में अपने गले लगाए,

झूले को थोड़ा झूला के कृष्णा को लगे झुलाने

माँ यशोमति को बधाइयां दे लगे गीत शगुन के गाने,

सब समज के ललन को अपना,

झूले में झूल रहे कृष्णा यशोदा मैया के अंगना,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।