साई शक्ति साई भगति साई मेरी आस है

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॥ पावन पाठ ॥

साई शक्ति साई भगति साई मेरी आस है,

साई दीपक साई ज्योति है साई ही प्रकाश है

साई शक्ति साई भगति साई मेरी आस है,

साई रास्ता साई मंजिल है,

साई चारो धाम है,

साई दिल की पहली ख्वाइश है,

साई अंतिम सांस है,

साई शक्ति साई भगति,साई मेरी आस है ,

साई सूरज साई चंदा है साई ही आकाश है ,

साई कष्ट साई दरिया है साई दीपक वार है,

साई शक्ति साई भगति,साई मेरी आस है ,

साई मुझमे साई तुझमे है साई ही संसार है,

बुल के मैं को साई भज लो साई मोक्श आधार है,

साई शक्ति साई भगति,साई मेरी आस है ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।