तेरी भगति में प्रभु राम मैं पागल हो जाऊ

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

दिन रात सुबह शाम तेरा रट ती राहु नाम और कुछ न चाहु,

तेरी भगति में प्रभु राम मैं पागल हो जाऊ,

तेरे नाम के बिना शुरू न मेरा कोई काम हो,

तन में भी मेरे राम हो और मन में भी मेरे राम हो,

दर्शन जिन्हे हो जाए सपनो में रात को आये जब मैं सो जाऊ,

तेरी भगति में प्रभु राम मैं पागल हो जाऊ,

मैं छोटी सी दास तुम्हारी तुम मालिक संसार के,

शरण तुम्हारी आन पड़ी हु मैं दुनिया से हार के,

सब को मैंने आजमाया तेरा नाम है ठंडी छाया सकूँ इस में पाउ,

तेरी भगति में प्रभु राम मैं पागल हो जाऊ,

इस जीवन में मेरी अपनी ना कोई पहचान है ,

ये चंचल बंजारा प्रभु जी इक बालक नादान है,

तेरे नाम का इक सन्देश लिख ता है फौजी सुरेश दिल से मैं गाउ,

तेरी भगति में प्रभु राम मैं पागल हो जाऊ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।