चलो चलो रे वैष्णो धाम संदेशो आयो रे

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

चलो चलो रे वैष्णो धाम संदेशो आयो रे,

संदेशो आयो संदेशो आयो मेरी माँ ने भुलाया रे,

चलो चलो रे वैष्णो धाम संदेशो आयो रे,

जग जगनी बड़ी दीं दयाला,

अँधियारा छट जाए काला,

चढ़ जा कठिन चढ़ाई भगता,

शुभ दिन आयो रे,

चलो चलो रे वैष्णो धाम संदेशो आयो रे,

कर विश्वाश जो मन से पूजे,

दाती बिन कोई और न सूजे,

चरण कमल का मिले आसरा,

सब कुछ पायो रे,

चलो चलो रे वैष्णो धाम संदेशो आयो रे,

ना हीरे में ना मोती में,

आज वसी मियां ज्योति में,

वर्मा छोड़ के माया बंधन ध्यान लगायो रे ,

चलो चलो रे वैष्णो धाम संदेशो आयो रे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।