सुन्दर सजा है दरबार तेरा

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

नैनो में तेरा नैन वसा है सूरत कितनी प्यारी है,

सुन्दर सजा है दरबार तेरा माँ करती सिंह सवारी है,

नैनो में तेरा नैन वसा है सूरत कितनी प्यारी है,

बैठी हो तुम उचे भवन में शोभा तेरी न्यारी है,

आता है सब दूर दूर से तू भगतो की प्यारी है ,

जगमग ज्योति झले घर तेरे सारा जग उज्यारी है,

सुन्दर सजा है दरबार तेरा माँ करती सिंह सवारी है,

जिसे है जीवन हम सब का हम तो तेरे सहारे है,

सब की विपदा हरती हो जो दिल से तुझे पुकारे,

चरण पखारू मैया तू परवर्ट की राज दुलारी है,

सुन्दर सजा है दरबार तेरा माँ करती सिंह सवारी है,

तीनो लोक चौदाह भुवन में महिमा तेरी निराली है,

त्रिभुन असुरन की मियां सर्व शक्ति शाली है,

नाम रटे जो तेरा मैया किस्मत उसकी सवारी है,

सुन्दर सजा है दरबार तेरा माँ करती सिंह सवारी है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।