केहना मत श्याम किसी से मैं खाटू आता हु

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

केहना मत श्याम किसी से मैं खाटू आता हु,

मांग कर मैं तुझसे अपना घर चलाता हु,

केहना मत श्याम किसी से मैं खाटू आता हु,

मुझको गैरो की नहीं चिंता अपनों का डर है,

बस यही खौफ मेरे दिल के अंदर है,

अपनों को यो पता चला वो रुला देंगे,

सरे बाजार में मेरी नाव वो उड़ा देंगे,

मुझे जीने नहीं देंगे मेरे अपने ही मुझे,

जैसे तैसे मैं लाज अपनी ये बचता हु,

केहना मत श्याम किसी से मैं खाटू आता हु,

सब को भरम है मेरे कंधो पे है घर ये चलता है,

मैं जानता हु मेरा फुलवा कैसे पलता है

जो राज ये बना हुआ है वो राज रहने दो,

जो समझते है लोग उन्हें वो समझने दो,

सिवा तुम्हरे किसी को नहीं है इसका पता,

कहा से लाता हु मैं और कहा से खाता हु,

केहना मत श्याम किसी से मैं खाटू आता हु,

गिरते इंसान को दुनिया नहीं उठाती कभी,

लाज इक बार गई तो वो नहीं आती कभी,

लाज हाथो में तुम्हारे लाज तुम रखना,

आज वादा यही शर्मा से तुम करना,

आने जाने की खबर सब से तुम छुपाओ गे,

मैं भी ये बात सभी से प्रभु छुपाता हु

केहना मत श्याम किसी से मैं खाटू आता हु,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।