झुंझनू में रानी सती माँ का सच्चा दरबार है

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॥ पावन पाठ ॥

झुंझनू में रानी सती माँ का सच्चा दरबार है,

दादी का परिवार है ये दादी का परिवार है,

झुंझनू में रानी सती माँ का सच्चा दरबार है,

महिमा तेरी न्यारी है तू कलयुग अवतारी है,

झुँझन वाली नाम तेरा बहुत ही मंगल कारी है,

जिस पे करदे एक नजर माँ उसका बेडा पार है,

दादी का परिवार है ये दादी का परिवार है,

सारी दुनिया जान गई महिमा तेरी मान गई,

तू शक्ति अवतारी है माँ तुझको पहचान गई,

सारे जग में गूंज रही माँ तेरी जय जय कार है,

दादी का परिवार है ये दादी का परिवार है,

तेरे चरणों से दादी हम भगतो का नाता है,

हम सब तेरे बेटे है तू हम सब की माता है,

देख ले दुनिया तेरी शरण में ही सारा संसार है,

दादी का परिवार है ये दादी का परिवार है,

जैसे निभया है अब तक आगे निभाती रहना माँ,

सौरव मधुकर पे हर दम प्यार लुटाती रहना माँ,

साथ तुम्हारा मिल जाए तो जग की क्या दरकार है,

दादी का परिवार है ये दादी का परिवार है,

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प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
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नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।