गली गली गूँजती जो राम धुन है

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

गली गली गूँजती जो राम धुन है

राम भक्तो की ये ही धड़कन है

दुख में आता सुख जाता

नाम आयोध्या पवन है

राम दीवाने नाच रहे है

खुशियो का दिन आया है

राम लल्ला की जीत हुए है

सबका मान हरषाया है

बनेगा मंदिर उससी जगह पर

अब ना कोई अड़चन है

गली गली गूँजती जो राम धुन है

राम भक्तो की ये ही धड़कन है

दुख में आता सुख जाता

नाम आयोध्या पवन है

सरयू तट से राम घाट तक

देखो गजब नज़ारा है

पूरे अवध में गूँजता हरदम

राम नाम का नारा है

चारो पहर यहा डीप जले

जैसे दीवाली का दर्पण है

गली गली गूँजती जो राम धुन है

राम भक्तो की ये ही धड़कन है

धूम मची हनुमान गाड़ी में

पवन पुत्रा का डेरा है

यहा की सुंदर शाम लगे

और पवन बड़ा सवेरा

कौशल अयोध्या धाम चलो

सॅंटो से मिटती उलझन है

गली गली गूँजती जो राम धुन है

राम भक्तो की ये ही धड़कन है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।