राम आएंगे इक दिन अपने नगर में सूरत वसी है नजर में

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन राम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

राम आएंगे इक दिन अपने नगर में सूरत वसी है नजर में

भजति रही वो गुजरियाँ आएंगे इक दिन सांवरिया,

खाली है दिल की गगरियाँ प्यासी है तुम बिन नजारियाँ,

पाउ गी इक मैं अपने शहर में सूरत वसी है नजर में,

राम आएंगे इक दिन अपने नगर में सूरत वसी है नजर में

दुनिया ये लगती यमेला तुम बिन है तन मन अकेला,

आँखे बहाये पानी रेला,

सारा जगत है ये खेला,

ये प्राण अर्पण तुम्हारी डगर में सूरत बसी है नजर में,

राम आएंगे इक दिन अपने नगर में सूरत वसी है नजर में

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।