तुम न सुनोगी तो कौन सुनेगा

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

साथी हमारा कौन बनेगा तुम न सुनोगी तो कौन सुनेगा,

आज मेरी फरयाद तू सुन ले,

तेरे सिवा माँ कौन है मेरा,

सुना है हमने सभी से खिवैयाँ इक ही है,

घूम ली सारी दुनिया ये मियाँ एक ही है,

अब की पार लगाओ नैया मानुगा एहसान,

हम को किनारा कैसे मिलेगा,

तुम न सुनोगी तो कौन सुनेगा

वो तेरे जिसे तुमने है तारा बता एह कटरा वाली कौन सा तीर मारा,

भक्त तुम्हारी भक्ती करते लेते रहते नाम,

उनका काम तो करना पड़ेगा,

तुम ना सुनो गी तो कौन सुनेगा,

आ गया दर पे तेरे सुनवाई हो जाए,

जिन्दगी से दुखो की विधाई हो जाए,

एक नजर किरपा की डालो मनाउगा एहसान,

संकट हमारा कैसे कटे गा,

तुम न सुनोगी तो कौन सुनेगा

हे पानी सिर से उपर मुसीबत हर गई है,

मैया आज तुम्हारी जरुरत पढ़ गई है,

अपने हाथ में हाथ पकड़ लो मानुगा एहसान,

साथ हमारे कौन चलेगा ,

तुम न सुनोगी तो कौन सुनेगा

भजन गायक विशाल जोशी देवास मप्र।

फोन नम्बर 7000839796 एवं 8878600353

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।