भटके क्यूँ दर बदर कर भरोसा श्याम पर

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

भटके क्यूँ दर बदर, कर भरोसा श्याम पर ,

जिसने भी दिल से पुकारा,हर मुसीबत से उबारा,

बेसहारो का सहारा, सांवरा मेरा सांवरा,

भटके क्यूँ................

इसके आगे हार जा, तन मन अपना बार जा,

लाख हो गहरा समंदर, तू बिना पतवार जा,

आ के दामन थाम लेगा, फिर किनारा श्याम देगा,

ज़िन्दगी भर काम देगा, सांवरा मेरा सांवरा,

भटके क्यूँ .............

आत्मबल मिल जाएगा, फिर न तू घबराएगा,

दूर हो मंज़िल भले ही, रास्ता मिल जाएगा,

होंसला तुझको मिलेगा, आंधी में दीपक जलेगा,

साथ में हरदम चलेगा, सांवरा मेरा सांवरा,

भटके क्यूँ.............

हैं बहुत चंचल ये मन, फिर भी कर थोड़ा भजन .

श्याम ने जीवन दिया है, कुछ तो तू कर ले जतन.

कर नशा इस जाम का, बस हरि गुणगान का.

सूर और रस खान का, सांवरा मेरा सांवरा.

भटके क्यूँ ............

ना कोई तेरा यहाँ, ना किसी से आस कर ,

है फरेबी ये ज़माना, श्याम पर विश्वास कर,

दिल लगा दिलदार से, सांवरे सरकार से,

संजू कह दे प्यार से, सांवरा मेरा सांवरा,

भटके क्यूँ..........

भटके क्यूँ दर बदर, कर भरोसा श्याम पर,

जिसने भी दिल से पुकारा, हर मुसीबत से उबारा,

बेसहारो का सहारा, सांवरा मेरा सांवरा,

भटके क्यूँ..........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।