मेरी मैया का ऐसा दरबार भीड़ यहाँ हर दम लगे

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मेरी मैया का ऐसा दरबार भीड़ यहाँ हर दम लगे,

खुले सब के लिए माँ के दवार,भीड़ यहाँ हर दम लगे,

जो भी इस के दर पे आये झोली भर के जाए,

माता के दरबार में आके जो चाहे सो पाए,

खोल बैठी है वो भण्डार भीड़ यहाँ हर दम लगे,

ये है आंबे ये जगदम्बे ये है शेरावाली,

भुजते दीप जलाने वाली ये है ज्योता वाली,

मेरी मैया के हाथ हजार,भीड़ यहाँ हर दम लगे,

निर्बल को बल निर्धन को धन देने वाली माता,

माता के दर सब है भिखारी वो है सब की दाता,

मांगे माता से सारा संसार भीड़ यहाँ हर दम लगे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।