आ जा माँ तनु अखियां उडीक दियां

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

आ जा माँ तनु अखियां उडीक दियां,

अखियां उडीक दियां दिल आवाजा मारदा,

आ जा माँ तनु अखियां उडीक दियां,

तेरे बिना कौन तेरे लाल को सम्बाले माँ,

आके इक बार मुझे गले से लगा ले माँ,

दुःख इंतजार दा दिल नहीं सहार दा,

अखियां उडीक दियां दिल आवाजा मारदा,

आ जा माँ तनु अखियां उडीक दियां,

दर्श दिखा के मेरे सारे दुःख टाल दे,

बिक्शा दया की मेरी झोली में डाल दे,

प्यासा हु प्यार दा तेरे दीदार का,

अखियां उडीक दियां दिल आवाजा मारदा,

आ जा माँ तनु अखियां उडीक दियां,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।