चार भुजा धारी जी मुसे की सवारी

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

चार भुजा धारी जी मुसे की सवारी,

गणपति देवा तेरे जाऊ बलहारी,

चार भुजा धारी....

चार युगो से चार भुजाये धरती गगन पताल गुण गाये,

गुण तेरा गाये देवा श्रिस्ति ये सारी,

चार भुजा धारी....

जो कोई ध्यावे नाम तुम्हारा जीवन में फैले उजियारा,

भक्त जनो के तुम हितकारी,

चार भुजा धारी.....

हे शिव नंदन गोरजा प्यारे मंगी गिल तेरी राह निहारे,

शुभ और लाभ के पर उपकारी,

चार भुजा धारी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।