राम की महिमा अपार

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

राम की महिमा अपार राम की गरिमा अपार,

पिता वचन की राखी लाज त्याग दियो राज साज,

सिया लखन संग चले कष्ट सहे हर प्रकार,

राम की महिमा अपार राम की गरिमा अपार,

जन गण को हर्षित कियो असुरो का कर संगार,

राम की जय कार गूंजे अवतिरत हो बार बार,

राम की महिमा अपार राम की गरिमा अपार,

राम की मर्यादा नमन राम संस्कार नमन,

मानवता सभ्यता का मंत्र राम चरित सार,

राम की महिमा अपार राम की गरिमा अपार,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।