आऊँ जान होजे साडा एहदा ननकाने नु

पारंपरिक
अन्य भजन गुरुदेव भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

वरेया तो लगा जेहड़ा रब्बा जाम खोल

वाहगे वाले रस्ते नु सरेआम खोल दे,

जिहदा बिना पासपोर्ट जाइये लुधियाने नु,

आऊँ जान होजे साडा एहदा ननकाने नु,

जिहदा पिंड़ अपने दी गली गली घूम आइये,

ऐदा ही लाहौर दी कलि घूम आइये,

ना कोई सदा बेस वेखे ना कोई वेखे वाने नु,

जिहदा बिना पासपोर्ट जाइये लुधियाने नु,

आऊँ जान होजे साडा एहदा ननकाने नु,

पंजा साहिब जाइये असि बिना रोक टोक दे,

ओह भी आज मेरियो बिना नोक झोक दे ,

पंडित ते भाई मिले है के मुलाने नु,

जिहदा बिना पासपोर्ट जाइये लुधियाने नु,

आऊँ जान होजे साडा एहदा ननकाने नु,

बस सीधी जावे साड़ी पिंडी ते कसूर नु,.

शेखुपुरु आवे गाड़ी सीधी संदरूर नु,

भूल जाइये असि सारे सिक्वे पुराने नु,

जिहदा बिना पासपोर्ट जाइये लुधियाने नु,

आऊँ जान होजे साडा एहदा ननकाने नु,

किकली नसीबा पावे नूरे दी मैं जेरा नाल,

गधे विच नाचे छनो मीरा दी वशिरा,

जाफियां शोखद पावे अक्श निमाने नु,

जिहदा बिना पासपोर्ट जाइये लुधियाने नु,

आऊँ जान होजे साडा एहदा ननकाने नु,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।