जय तीन बाण के धारी खाटू के श्याम मुरारी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जय तीन बाण के धारी खाटू के श्याम मुरारी,

जद भी है हारे का साहरा लीले घोड़े सवारी,

जय तीन बाण के धारी खाटू के श्याम मुरारी

ॐ श्याम देवाये ॐ श्याम देवाये,

मोर भी भाता को प्रिये लाला सब को सब कुछ देने वाला,

अपनी प्रेमियों का रखवाला खाटूवाला सब से निराला,

भक्त सहायक सब फल दायक हितकारी उपकारी,

जय तीन बाण के धारी खाटू के श्याम मुरारी

नव दुर्गा का ध्यान लगाया तीन वां वरदान में आया,

शीश काट श्री हरी को चडाया महादानी का गौरव पाया,

शीश के दानी वरदानी की हर लीला है न्यारी ,

जय तीन बाण के धारी खाटू के श्याम मुरारी

पावन खाटू धाम जो आये सादर श्याम को शीश झुकाये,

झंडा घंटा ने शुर चढ़ाये सवा मणि जो भी करवाए,

श्याम धनि ने उन भक्तो की सारी विपदा टारी,

जय तीन बाण के धारी खाटू के श्याम मुरारी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।