है बलकारी और भ्रमचारी सालासर का बजरंगी

लखबीर सिंह लक्खा
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

है बलकारी और भ्रमचारी अवतारी जो नाथ भुजंगी है..

कोई और नही है वो मेरा...सालासर का बजरंगी है॥

संकटहर्ता मंगलकर्ता आ....

बजरंबलि का इतिहास जगत में सबसे न्यारा है,नही कोई हिंसा बाली ये दावा हमारा है । रूप भोले का और सेवक बना है श्री राम का, राजपाल बार-बार इनको परिणाम हमारा है ॥

ये बल बुद्धि का दाता है, ये बल बुद्धि का दाता है।

"सिया राम ही राम रटें हरदम"..ये भक्त बड़ा सत्संगी है

कोई और नही है वो मेरा सालासर का बजरंगी है

योद्धावि जगत मे है ये बिकट आ....

डुस्टों को मारे उलट पलट, डुस्टों को मारे उलट पलट।

किस्मत को देता है पलट..दुःख दूर करे सब चंगी है

कोई और नही है वो मेरा अंजनी का लाल बजरंगी है॥

रावण का दूर गरूर किया आ.....

जो समझे था इनको बंदर, जो समझे था इनको बंदर।

"और सभा के अंदर रावण ने" ये मान लिया ये चंगी है

कोई और नही है वो मेरा रुद्रावतारी बजरंगी है।।

बजरंगबाला अंजनी लाला आ....

तू ही मेंहदीपुर वाला है, तू ही मेंहदीपुर वाला है।

"तेरे राजपाल को पंचमुखी" तेरी लगती मूरत चंगी है

है बलकारी और भ्रमचारी अवतारी जो नाथ भुजंगी है..

कोई और नही है वो मेरा... सालासर का बजरंगी है!!

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।