बाबा माहरे से भी हिवड़े री बात कर लो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बाबा माहरे से भी हिवड़े री बात कर लो बाबा माहरे से भी,

थारी चाकरियाँ मैं आज पूरी रात कर ला,

बाबा माहरे से भी हिवड़े री बात कर लो बाबा माहरे से भी,

देख देख थारी राह हु खड़ी आख्या तरसी,

थारी ही यादा में रात बरसी,

बाबा माहरे से भी हिवड़े री बात कर लो बाबा माहरे से भी,

म्हाने बाबा थारी याद घनी आवे,

बिन थारे माहरा दिल गबरावे,

बिन देखे अब राहा नहीं जावे ओ महारा बाबा ये दौड़ा चला अव्े,

क्यों ना मन डे में महारे थारो वास कर लो,

थारी चाकरियाँ मैं आज पूरी रात कर ला,

बाबा माहरे से भी हिवड़े री बात कर लो बाबा माहरे से भी,

सांस है जब तक आस करेंगे बाता दिल की ख़ास करेंगे,

प्रेमी जय जय कार करेंगे ओ सारा संवारा से प्यार करेंगे,

माहि मारे पे भी थोड़ा उपकार कर दो

थारी चाकरियाँ मैं आज पूरी रात कर ला,

बाबा माहरे से भी हिवड़े री बात कर लो बाबा माहरे से भी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।