मंदिर सोने का बनाये गे

पारंपरिक
श्री राम आरती राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

मंदिर सोने का बनाये गे चांदी की ईट लगाएंगे,

चाँद तिलक लगा के हम परिवार राम का बिठाये गे,

मंदिर सोने का बनाये गे

तरासे हुए पत्थर से मंदिर बनाना है,

सब नार नारियो को सेवा में लगाना है,

सरयू के पावन तट पे राम ध्वजा फेहरायेगे,

मंदिर सोने का बनाये गे

भजनो की गूंज होगी आरती गायेगे छपन भोग प्रभु राम को लगाएंगे,

हंस राज कहे शीश जुका कर जीवन सफल बनायेगे,

मंदिर सोने का बनाये गे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।