यारी मेरी लग गई रे लग गई श्याम के साथ

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

यारी मेरी लग गई रे लग गई श्याम के साथ

ऐसी लग गई यारी श्याम से मेरी हो गई श्याम से बात

यारी मेरी लग गई रे ............

56 भोग को छोड़ सांवरा दही भल्ले भी खाये

दही भल्ले जब खाये तो इसके face पे smile आये

इसके मुस्काने पे प्यारे मेरे हो जाते हैं ठाठ

यारी मेरी लग गई रे ............

फेसबुक प्रोफाइल पे मैं श्याम की डप सजाऊँ

whatsapp के status पे मैं श्याम की फोटो लगाऊं

youtube पे हो गई पारे श्याम से मुलाक़ात

यारी मेरी लग गई रे ............

इस यारी को देख देख के जलती दुनिया सारी

पागल होया छोरा इसकी अकल गई है मारी

दुनिया की परवाह नहीं है मेरा पकड़ा श्याम ने हाथ

यारी मेरी लग गई रे ............

किशोरी दास की बिगड़ी तो सांवरे ने बनाई

सर चढ़ बोले श्याम की मस्ती ऐसी लगन लगाईं

साँची कहूं लगा के यारी मेरे बदल गए हालात

यारी मेरी लग गई रे ............

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।