माहरी था पर दरामदर

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

माहरी था पर दारमदार,

में तो थारी एक मोटर गाड़ी,थे चलावन हार,

उतर चलाओ पूरब चलाओ,म कद करू इनकार

माहरी ....

में तो थारी एक आंटी लकड़ी,थे हो चतुर सुथार ,

लेकर हाथ बरसोलो मोहन,करो खुसी से वार,

म्हारी.....

में तो थारी एक सोने री डगलि,थे हो सरवनकार,

काटो पीटो घसो तपाओ,खोटी खरी तिहार,

म्हारी......

में तो थारी राम फिरकली,थे हो फेरन हार,

उल्टी फेरो सुलटी फेरो,चालू चकरा चार,

म्हारी....

में थारी माटी री डगलि थे हो चतुर कुम्हार,

रूप बनो कतरूप बनाओ,में कद करू इनकार,

माहरी.....

सब पुरुषा रा थे पुरषोतम में हु मूरख गवार,

आखिर उमर निभाया सरसी,था पर सगलो भार,

माहरी.....

संपादक:-विजय डिडवानिया

सरदारशहर

9511539933

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।