राधे राधे बोल श्याम आयेंगे

पूनम यादव
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

राधे राधे बोल श्याम आयेंगे

आयेंगे श्याम आयेंगे

वृंदावन कहा दूर है

बरसाना कहा दूर है

सब तेरी नज़र का कसूर है

राधे राधे.......

निकले का तेरी भगती का परिणाम

तेरे घर भी आयेंगे घनश्याम

बस याद कर बस फर्याद कर

ना यू जीवन बर्बाद कर

बीते दिन लौट ना आयेंगे

राधे राधे.......

ना देखे कोई धर्म करम ना जात

जाने बस भग्तो के दिल की बात

वो बस जान ले पहचान ले

इक बार वो अपना मान ले

फिर आकर गाले लगाएँगे

राधे राधे.........

लाखो में किसी एक को चुनते है

अनदर की आवाज को सुनते है

बस जान ले पहचान ले

इक बार वो अपना मान ले

फिर आकर गाले लगाएँगे

राधे राधे.........

प्रेम के आंसू जिनके बहते है

उनके तो हरि अंग संग रह्ते है

मैं भी प्यासी हु हरिदासी हु

राधा जू की खासम खास हु

सुन कर प्रभू देर ना लगायेंगे

राधे राधे........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।