जे नौकरी निकले द्वार ते

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

जे नौकरी निकले द्वार ते मैनु नौकर रख लै लेना,

इथे कोई सिफारिश चली नहीं,

बस तेरी मर्जी चलनी है,

तेरे तक माँ जिसदी पौंछ हॉवे सुनिया उस नु मिलनी आ,

कोई कर के हिला मेरे लई माँ राखमी रख लेना,

जे नौकरी निकले द्वार ते मैनु नौकर रख लै लेना,

सेवा चरना दी जे मिल जावे मेरी जिंगदी माँ बदल सकदी,

सब कुछ है मैया हथ तेरे तू की नहीं माँ कर सकदी,

वस् लोड तेरे माँ कर्म दी है,

तेथो सब कुछ पा लेना ,

जे नौकरी निकले द्वार ते मैनु नौकर रख लै लेना,

दो टूक माँ मैनु बथेरे ने मैं की करना तन्खा नु,

मैं तेरे लेखे ला देना तेरे बक्शे माँ साहा नु,

हर पल माँ तेरे कोल रहा,

एहो कृष्ण दा है कहना,

जे नौकरी निकले द्वार ते मैनु नौकर रख लै लेना,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।