रूस ना जावीं मैया जी मेरे

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

रूस ना जावीं मैया जी मेरे, जीवन मेरा सहारे तेरे

चंगे माड़े असीं हां तेरे, माफ़ तू करदे अवगुण मेरे

हाथ रहे तेरा सर ते मेरे, जीवन मेरा सहारे तेरे

रूस ना जावीं मैया जी मेरे...

अपने पराये ताने मारदे, वास्ते तैनू मेरे प्यार दे

अपना बना ले प्रीतम मेरे, जीवन मेरा सहारे तेरे

रूस ना जावीं मैया जी मेरे...

तू रुसेया ते किस दर जावां, हाल दिलां दा किसनू सुनवा

कौन सुनेगा दुखड़े मेरे, जीवन मेरा सहारे तेरे

रूस ना जावीं मैया जी मेरे...

मेरा जीवन काहदा जीवन, तेरी याद बिना जो बीते,

मेरी निभ जावे दर ते तेरे, जीवन मेरा सहारे तेरे

रूस ना जावीं मैया जी मेरे...

(मनीष अनेजा जी)

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।