युग युग जीवे संवारा मेरा बाबा खाटू वाला

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

युग युग जीवे संवारा मेरा बाबा खाटू वाला,

भगतो की आँख का तारा है माँ एहलवती का लाला,

युग युग जीवे संवारा मेरा बाबा खाटू वाला,

आया जन्मदिन श्याम धनि का ,

जग में खुशिया छाई,

प्यारे प्यारे सांवरिया को देदो आज वधाई,

प्यारा है शृंगार तेरा ये मुखड़ा अजब निराला,

युग युग जीवे संवारा मेरा बाबा खाटू वाला,

जिस दर सब को ख़ुशी मिली है,

उस घर खुशियां आई,

रंग रंगीली सांवरियां की छवि है मन को भाई,

मिल के दुआएं देदो उसको जिसने हमे सम्बाला

युग युग जीवे संवारा मेरा बाबा खाटू वाला,

सोनू लखा को बुलवादो कीर्तन आज करेंगे,

वाधा तुम से आज मुरारी तेरी शरण रहेगे,

तेरी ज्योत ने सांवरियां है घर घर कियाँ उजाला ,

युग युग जीवे संवारा मेरा बाबा खाटू वाला,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।